जसोल – श्री ब्राह्मण स्वर्णकार समाज की ओर से दि. ०२.११.२०११ बुधवार को रणछोड़ भगवान मंदिर में अन्नकूट महोत्सव का आयोजन सम्पन्न ।

सोनी स्वर्णकार समाज जसोल की ओर से गोगड़ गली स्थित रणछोड़ भगवान मन्दिर में बुधवार को ठाकुर जी के अन्नकूट का भोग लगाया गया। नवयुवक मण्डल के रमेश कुमार बाड़मेरा ने बताया कि श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी को छप्पन व्यंजनों का भोग लगाकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

साथ ही रणछोड़ भगवान मन्दिर में राधा-कृष्णा व ठाकुरजी का विशेष शृंगार किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर चम्पालाल, रमेश कुमार, गोपाराम, पारस, पदमदास, दुर्गा देवी सोनी, बाबूलाल पालीवाल व स्वर्णकार समाज नवयुवक मण्डल के सदस्यों सहित कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित थे।

source : D.bhaskar

Once upon a time… year 1908….……. वकील श्री प्रतापचंदजी …

आप जसोल निवासी श्री पुनमचंदजी महेचा के छः पुंत्रो में से सबसे बडे पुत्र थे । उन दिनों लिखने पढने की सुविधा नहिवत थी । पर गांव के स्कूल में ही पढकर इस प्रतिभाशालीने अपने बलबूते  से वकालत की ।आप केवल फोजदारी के केस लडा करते थे,  और बडे बडे हाकीम तक उनकी धाक मानते थे ।

आपका ननिहाल पचपदरा में था तथा आपके एक पुत्र तथा एक पुत्री थी.पुत्र श्री मूलचन्दजी वकील थे , तथा पुत्री पाली में श्री विजयरामजी को ब्याही थी.

जाति सुधार को लक्ष्य में रखकर आपने श्री नारयणदासजी बैरिस्टर के साथ सन 1908 में एक अपील प्रकाशित करवाई थी ।

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मारवाड राज्यमें प्रजातंत्र स्थापनार्थ आपने सक्रिय कार्य किया, जिसके परिणाम स्वरुप आपको देश निकाल हुआ । [ ललकार साप्ताहिक से उद्द्रुत्त]जोधपुर नगर में आप प्रथम व्यक्ति थे जिन्होनें पश्चिमी  ढंग का एक सुंदर बंगला बनवाया ।जोधपुरमें कचहरी रोड पर स्थित यह बंगला आपका भव्य स्मारक है ।

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Details from :  “तपोनिष्ठ ब्राह्मणोंका ईतिहास” page no.40

Apeal 1908 [As it is] from collection of : Shri. Daulalji [Rishiputra]
Very rare Photograph of Advocate Pratapchandji is received from collection of shree Dr. Bhupatiramji Sakariya .