श्री अमोलकचन्द्रजी जसमतिया – बीकानेर ….

श्री अमोलकचन्द्रजी जसमतिया सिंध से आकर बीकानेर में बसे थे. वे कट्टर आर्य समाजी थे और जाति में सुधार का कार्यक्रम आपने आर्य समाज के संपर्क से ही प्रारम्भ किया. सुधारों को लागू करने व संगठन को मजबूत करने के लिए आपने श्री ब्राह्मण स्वर्णकार हितकारिणी सभा की नींव ररक्खी थी. श्री कोलायतजी के मेले में भी सेवा समिति नामक संस्था के माध्यम से अपनी सेवाएँ देते थे.

एक बार आपकी कठोर परीक्षा की घडी आई.जब आपके ससुराल पक्ष वालों ने परिवार की एक स्त्री को मुसलमानों के हाथ बेच दिया. उन मुसलमानों ने उसे सिंध में अन्य मुसलमान को बेच दिया. जब आपको पता चला तो पुलिस को साथ लेकर सिंध गये और बड़ी कठिनता से उसका उद्धार करवाया. वे अपनी परीक्षा में खरे उतरे. आपके कोई संतान नहीं थीं अतएव अपनी बहिन के लड़के श्री भगवानदासजी को गोद लिया, जो अब (सन २००२) टी. टी. ई. हैं.

आप महासभाओं के अधिवेशनों में बीकानेर का प्रतिनिधित्व किया करते थे. पहली महासभा ( हाथरस) में आपको उपमंत्री बनाया गया था. सन १९२६  में बीकानेर के अधिवेशन में आप स्वागत मंत्री थे जिसमें श्री नारायणदासजी बैरिस्टर सभापति थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *