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जौहरी श्री हरिरामजी बाडमेरा……..

Tue, Jan 24, 2012

Social Leaders

जोधपुर में ब्राह्मण स्वर्णकारों की घाटी पर निवास करने वाले श्री हरिरामजी हमारे समाज में अपने समय के धनिकों में जैसे अग्रणी थे, वैसे ही समाज सेवा और दानदाताओं में भी अग्रणी थे़. रत्न-परीक्षा व मानव-परीक्षा के आप विशेषझ थे.

आपके और कुछ सदस्यों के विचार विमर्श और निरंतर बैठकों के पस्चात्‌ हाथरस की महासभा बुलाई गई थी. आपकी अमूल्य सेवाओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए ब्यावर में सन्‌ १९२४ मे आयोजित महासभा के आप अध्यक्ष बनाये गये.

जोधपुर में आयोजित तृतीय महासभा के आप स्वागताध्यक्ष थे और सच तो यह है कि जोधपुर सम्मेलन की सफलता का सारा श्रेय आपको व आचार्यं बदरीप्रसादजी साकरिया को है.

आचार्यजी ने चौधरियों और पंचों के झगडे को अत्यन्त युक्तिपूर्वक समाप्त कर दोनों से सहयोग प्राप्त किया. अपनी मातृभाषा को प्यार करने के कारण आपने स्वागत भाषण मारवडी में दिया. यह भी एक अद्‌भुत घटना ही मानी जायेगी. जब जोधपुर में समाज की स्कूल धन का प्रश्न आया तो आपने अपनी ओर से पचास रुपये तक की मासिक रकम खर्च करने की सत्ता डॉ. गोविन्दरामजीआचार्यजी को सौंपी थी.
आपके पिता श्री कालूरामजी भी नेक व जवाहरात का धन्धा करने वाले धनाढ्‌य व्यापारी थे.

Details from : “तपोनिष्ठ ब्राह्मणों का ईतिहास” page no. 44_____

Photograph  : Looking forward if anyone have any of the photographs of this great man, please mail us on contact@brahminswarnkar.com

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Notes from : अखिल भारतीय श्री ब्राह्मण स्वर्णकार महासभा-स्थापना काल से अब तक…….

द्वितीय सम्मेलन ब्यावर – ब्यावर में जोधपुर निवासी श्रीमान जौहरी हरिरामजी बाड़मेरा के सभापतित्व में 3 नवंबर सन् 1924 को अभूतपूर्व ढंग से संपन्न हुआ। बीकानेर व ब्यावर के नवयुवक मण्डल के कार्यकर्ताओंने अधिक मेहनत की थी। श्री नन्दलालजी स्वागताध्यक्ष थे। श्री नारायणदासजी बैरिस्टर व श्री रामनाथजी जसमतिया ने सम्मेलन अध्यक्ष श्री जौहरी हरिरामजी का माल्यापर्ण कर स्वागत किया। फूलों से सजी जीप में उनका शानदार जुलूस निकाला गया व बन्दूक फोडकर सलामी भी दी गई।

चार दिनों तक चले सम्मेलन में महासभा के अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया संपन्न की गई। स्वागताध्यक्ष श्री नन्दलालजी ने अध्यक्ष पद हेतु जौहरी श्री हरिरामजी का प्रस्ताव रखा, जिसे श्री बद्रीप्रसादजी साकरिया ने समर्थन दिया। सर्व सम्मति से श्री जौहरी अध्यक्ष चूने गये। कार्यकारीणी में कुल 67 सभासदों का समावेश किया गया। पूरे देश से कुल 204 प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दी थी। इसी समेलन में श्री बदरीप्रसादजी साकरिया को उनकी विद्वता को देखकर पंडित की उपाधी से विभूषित किया गया।

Note : If you have any information and real photographs of any great person of our society, please let us send on contact@brahminswarnkar.com or on following address, it will be published here with The Collectionist name.

अगर आपके पास समाज के कोई भी महान प्रतिभा विशेष के बारे मे जानकारी एवं तस्वीर हो, तो आपसे निवेदन है कि समाज के हित में समाज की जानकारी के लिये उपलब्ध करायें. आप उसे निम्न-लिखित E-mail पर, फोन, या पोस्ट से भेज सकते है ।

Soni Sunderlal Prahladji

283/6, Bawa’s Dehla, Opp; Premdarwaja,

Ahmedabad, Gujarat – INDIA -380002

Email : contact@brahminswarnkar.com

Phone-+91 79 22164380

Mobile 09328241151

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