A A

अखिल भारतीय श्री ब्राह्मण स्वर्णकार महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पंचम बैठक दिनांक १५.०४.२०११ को नागपुर (महाराष्ट्र) में सम्पन्न |

Sun, May 1, 2011

Author's pen, News

Shri Govindprakashji

अखिल भारतीय श्री ब्राह्मण स्वर्णकार महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पंचम बैठक दिनांक १५.०४.२०११ को पाटीदार भवन, नागपुर (महाराष्ट्र) में श्री सुनील जी बूचा पूर्व महापौर रायपुर के मुखय आतिथ्य में तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवरलाल जी स्वर्णकार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक का संचालन वेदप्रकाश जी नागपुर तथा महेन्द्र कुमार जी कट्‌टा संयुक्त सचिव महासभा ने किया। मंच पर महासभा अध्यक्ष श्री भंवरलाल जी स्वर्णकार महामंत्री गोविन्द प्रकाश सोनी, सुनील जी बूचा, उपाध्यक्ष श्यामकमल जी कोषाध्यक्ष रामेश्वर जी बाड़ेमरा, नन्दकिशोर जी नागपुर, ब्रजमोहन जी अमरावती एवं राजे्न्द्र जी अध्यक्ष नवयुवक मण्डल नागपुर को आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ मे सर्वप्रथम धर्मश्री जी एवं स्वर्गीय सत्यनारायण जी बाडमेरा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर माल्यार्पण किया गया, तत्पश्व्यात अध्यक्ष महोद्‌य द्वारा ध्वजारोहण किया गया।

महामंत्री गोविन्द प्रकाश भजूड  द्वारा महासभा की गतिविधियो पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया महामंत्री के प्रतिवेदन के पश्चात्‌ उपाध्यक्ष श्यामकमल जी शर्मा जोधपुर के द्वारा उद्‌बोधन किया गया, तत्प्श्व्यात्‌ कोषाध्यक्ष रामेद्गवर जी साधक द्वारा तथा पुरूषोतम जी बूचा द्वारा भी अपने सुझाव मे राष्ट्रीय मुख पत्र हेतु कहा।

मुखय अतिथि सुनील जी बूचा पूर्व महापौर रायपुर ने अपने सम्बोधन मे कहा कि समाज अगर संगठित होगा तो सभी हमे पुछेगे, इसीलिए हमें समाज के कार्यो की आलोचना नही कर सहयोग करें, क्योकि आलोचना करने वाले मात्र विध्नसंतोषी होते हैं। हमे सकारात्मक सोच के साथ नेतृत्व को सहयोग देना चाहिए, क्योंकि समाज को मार्गदर्शन की कमी रही है। हमे सामुहिक स्वर्णकार समाज की कल्पना करनी चाहिए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवरलाल जी स्वर्णकार ने कहा कि हमें समाज मे व्याप्त कुरीतियो को मिटाने हेतु निर्णय लेने होगे तथा भविष्य मे क्या करना है, वह देखे उन्होने दृढता से कहॉं टॉंग खिचाई को रोके सकारात्मक कार्य करें।  विभिन्न समितियो का कार्य संतोषजनक नही रहा है, हमे उन मे परिवर्तन करना होगा तथा हम इस प्रकार के कार्य करे जिससे समाज के सदस्य महासभा से जुड़ने को प्रयत्नशिल रहे। इस दौरान सुनील जी बूचा ने कहा कि सैकण्डरी मैरिट मे आने वाले एक छात्र को मेरे द्वारा महासभा के जरिये २१०००/-रू. शिक्षा के प्रोत्साहन हेतु दिये जाएगे।

दिनांक १६.०४.२०११ को महामंत्री ने अध्यक्ष महोद्‌य की आज्ञा से बैठक की कार्यवाही प्रारम्भ की तथा महामंत्री द्वारा हिम्मतनगर बैठक के मिनिट्‌स का पठन किया तथा उनकी पुष्टि की गई तत्पश्व्यात कोषाध्यक्ष द्वारा वितीय वर्ष ३१.०३.२०१० तथा ३१.०३.२०११ तक का अंकेक्षित आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया जिसकी पुष्टि की तथा उसकी प्रतियॉं सभी सदस्यो मे वितरित की गई एवं यह निर्णय लिया गया कि उपरोक्त आय-व्यय का विवरण समाज की पत्र-पत्रिकाओ मे प्रकाशित किया जावें।

शिक्षा से सम्बन्धित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया तथा महामंत्री द्वारा विभिन्न रिर्पोटो के आधार पर अपना एक प्रस्ताव शिक्षा छात्रवृति के सम्बन्ध मे रखा जिस पर विभिन्न सदस्यो ने विचार प्रस्तुत किये, महासभा अध्यक्ष द्वारा एक सर्वसम्मत प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसके अनुसार हायर सैकण्डरी तथा उससे उपर की शिक्षा उच्च शिक्षा हेतु ”मैरिट कम निडी” के सिद्वान्त पर छात्रवृति दिये जाने का रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया एवं इस हेतु एक गर्वनिग काउंसिल का निर्माण किया गया, जो इस कार्य को आगे क्रियान्वयन हेतु निर्णय लेगी, जिसमे महासभा अध्यक्ष, महामंत्री, श्यामकमल जी उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष रामेश्वर जी तथा दो अन्य व्यक्तियो को शामिल करने का निर्णय लिया तथा समिति के प्रचार-प्रसार हेतु पुरूषोतम जी बूचा को भी समिति मे शामिल किया गया |

समाज के संविधान संशोधन हेतु प्रस्ताव रखा गया, जिसका विवरण एवं पठन उपाध्यक्ष श्यामकमल जी द्वारा किया गया तथा जिस पर गहन विचार-विमर्श एवं निर्णय मे सभी सदस्य उत्साह से सम्मिलत हुए।

महामंत्री ने बताया कि हरिद्वार मे समाज की धर्मशाला के निर्माण हेतु नागौर बैठक तत्पश्व्यात्‌ विभिन्न व्यक्तियो के सुझाव आए है, इस हेतु हमे समय रहते निर्णय करना चाहिए इस पर सर्वसम्मति से ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि हरिद्वार मे समाज की धर्मशाला का निर्माण किया जावें, प्रथम इस हेतु भूमि क्रय की जावें, फिर निर्माण हो तथा इस हेतु अध्यक्ष व महामंत्री के संरक्षण मे एक समिति महेन्द्र विक्रम काला डीडवाना के संयोजन मे गठित की गई।

महामंत्री ने कहा कि आगामी ६ मई अक्षय तृतीया को धर्मश्री जी की जयंति समाज के स्थापना दिवस के रूप मे अखिल भारतीय स्तर पर मनाई जावे तथा इस हेतु स्थानीय सभाओ को सहयोग हेतु निवेदन किया जावे, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।

अध्यक्ष महोद्‌य ने समाज मे व्याप्त कुरीतियो के निवारण हेतु आह्नान किया, जिसमे मृत्यु भोज अर्थात्‌ मृत्यु उपरान्त न्यात करना तथा पेरावणी, ओडावणी प्रथा को समाप्त किया जावे, तत्पश्व्यात्‌ जन-गण-मन गायन के पश्चात्‌ बैठक की कार्यवाही समाप्त की गई।

गोविन्द प्रकाश सोनी-एडवोकेट

महामंत्री


:like>

Leave a Reply

Ahmedabad Ajmer Barmer beawar Bhinmal Bikaner Didwana gandhinagar General Himmatnagar Jalore Jobat jodhpur Keradu kumbhalgarh merta Mumbai Nagaur News Paper pali Sheoganj sirohi swarn jagriti अजमेर अहमदाबाद जालौर जूना केराडू जोधपुर जोबट कुंभलगढ़ गांधीनगर नागौर पाली बाडमेर बीकानेर ब्यावर भीनमाल मुम्बई मेड़ता शिवगंज समाचार पत्रिका सर्वसामान्य सिरोही स्वर्ण-जागृति हिम्मतनगर

Find

© 2015 Brahmin Swarnkar. Powered by Next On Web