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गुजरात राज्य में अन्य पिछड़ी जातियों मे स्वर्णकार समाज को सम्मिलित करने बाबत्‌।

Sun, Apr 3, 2011

Author's pen, News

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श्रीमान्‌ नरेन्द्र मोदी
मुखयमंत्री
गुजरात राज्य,
विषय :- गुजरात राज्य में अन्य पिछड़ी जातियों मे स्वर्णकार समाज को सम्मिलित करने बाबत्‌।
मान्यवर,
स्वर्णकार समाज को राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र इत्यादि कई राज्यों में अन्य पिछडी  जातियों की सूची में सम्मिलित है, परन्तु गुजरात राज्य में स्वर्ण समाज को  इस वर्ग में सम्मिलित नहीं किया गया है।
जबकि गुजरात राज्य में स्वर्ण समाज के अधिकांश  व्यक्ति स्वर्णकारी कार्य कर अपनी आजीविका चलाते हैं,  स्वर्णकला में दक्ष तथा कारीगर अवश्य है, परन्तु उनकी आर्थिक स्थिति राजस्थान के समान ही है।
जब भी गुजरात राज्य के एवं अन्य राज्य के स्वर्णकार बन्धु सुविधा का लाभ प्राप्त करना चाहते हो तो उनको ऐसा लाभ नहीं मिलता, फलस्वरूप लाभ से वंचित रहना पड ता है।   इन परिस्थितियो में गुजरात राज्य में स्वर्णकार समाज को अन्य पिछडी जाति वर्ग में सम्मिलित किया जाना उचित व न्याय संगत है।

स्वर्णकार जाति निम्न नाम से सम्बोधित की जाती है :-
स्वर्णकार, सुनार, सोनी, जडिया।
अतः सानुरोध निवेदन है कि गुजरात राज्य में अन्य राज्यो की भांति स्वर्णकारो को उपरोक्त सरनामो से अन्य पिछडी  जाति वर्ग में सम्मिलित करने का आदेश पारित करावें।
-: भवदीय :-
गोविन्द प्रका्श सोनी                                         भंवरलाल स्वर्णकार
महामंत्री                                                                अध्यक्ष

अखिल भारतीय श्री                                              अखिल भारतीय श्री
ब्राह्यण स्वर्णकार महासभा                                    ब्राह्यण स्वर्णकार महासभा

(नोट) :- उपरोक्त ज्ञापन मुखयमंत्री मोदी जी को भेजकर महासभा द्वारा मिलने का निवेदन किया गया हैं।

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2 Responses to “गुजरात राज्य में अन्य पिछड़ी जातियों मे स्वर्णकार समाज को सम्मिलित करने बाबत्‌।”

  1. PRABODH SWARNKAR says:

    TO,
    ALL RESPECTED PERSONS OF BRAHMIN SWARNKAR SAMAJ,
    SAADAR PRANAAM. WE ARE FROM BRAHMIN SWARNKAR SAMAJ & CANNOT BE INCLUDED INTO O.B.C CATEGORY BECAUSE FIRSTLY IN INDIA THERE WERE BRAHMIN, SHATRIYA ,VAISHYA & SHUDRA ONLY. THEN AFTER BRAHMINS WHO HAD STARTED THE BUSINESS OF GOLD BECAME CALLED AS BRAHMIN SWARNKAR. SO WE ARE BRAHMIN FIRST & SWARNKAR SECOND. WE MUST FEEL PROUD ON BEING SEPARATE FROM SHATRIYA & MEAD SWARNKAR. WE ARE ACTUALLY IN GENERAL CATEGORY AS BEING THE BRAHMIN SWARNKAR. NOBODY WILL SAY ABOUT OUR PEOPLE THAT “HE/SHE IS SELECTED BECAUSE OF BEING OBC PERSON”.THIS IS A WRONG STEP TO TRY TO INCLUDE BRAHMIN SWARNKAR INTO OBC CATEGORY.
    JAI HIND.
    PRABODH SWARNKAR

    • sudhir soni says:

      Prabodh ji

      Scheduled Caste (SC),
      Scheduled Tribe (ST),
      and

      Other Backward Class (OBC).

      The OBC list presented by the commission is dynamic (castes and communities can be added or removed) and will change from time to time depending on Social, Educational and Economic factors.

      Karnataka Minister in state Assembly has announced that per capita income of the Brahmins is lesser than all communities including scheduled castes and scheduled tribes.

      So proud and Being brahmin [should be included in OBC] has nothing to do with Schedule cast and Scheduled Tribe, but economy and education only.
      More information from here…

      http://en.wikipedia.org/wiki/Other_Backward_Class

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