श्री ब्राह्मण स्वर्णकार समाज @ बेडचा गोत्र परिवार की मीटिंग

श्री ब्राह्मण स्वर्णकार समाज
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बेडचा गोत्र परिवार की मीटिंग
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सभी बेडचा बंधुओं को सूचित किया जाता है कि कुलदेवी  श्री क्षेमकरणी माताजी (भाटून्द) के मेले हेतु मेला समिति व
बेडचा बंधुओं की मीटिंग संवत २०७२ माह सुदी २, दिनांक 10 फरवरी 2016 
बुधवार को # आगामी मेले की व्यवस्था

# इस हेतु विशेष मीटिंग  # गत वर्ष का लेखा जोखा प्रस्तुति एवं नई क्रीत जमीन पर निर्माण सम्बन्ध पर चर्चा होगी.

DSC03300 कृपया आप सभी अवश्य पधारें .

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 मीटिंग स्थल—-
श्री बेडचा गोत्र परिवार न्याति नोहरा भोजन शाला
मुकाम = बेडा , जि. पाली(राज.)

== सोनी सुरेशकुमार वालचंद बेडचा ( सचिव)
09460234235

प्रो. डॉ. श्री साकरिया व श्री परिहार ” स्वर्ण जागृति अवार्ड ” से सम्मानित……

अहमदाबाद में दिनांक 27 दिसंबर 2015 रविवार को एस.बी.एस. युवा संगठन द्वारा आयोजित विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान समारोह में प्रो. डॉ. श्री भूपतिरामजी बदरीप्रसादजी साकरिया, वल्लभ विद्यानगर वालों को तथा श्री बंशीलालजी अम्बालालजी, खेडब्रह्मा वालों को उनकी अहर्निश सेवाओं के मद्देनज़र “स्वर्णजागृति पत्रिका परिवार” द्वारा “स्वर्ण जागृति अवार्ड” प्रदान कर सम्मानित किया गया.

श्री भूपतिरामजी साकरिया

Bhupatiram Sakariya91 वर्षीय श्री भूपतिरामजी साकरिया के परिवार में पिछली 5/ 6 पीढ़ियों से महापुरुष, संत व भक्त कवियों तथा परम ज्ञानी सदगृहस्थ महानुभावों का प्रादुर्भाव हुआ है.

आपके परिवार में करीब ढाईसो वर्ष पूर्व भक्त कवि संत अणंदारामजी महान संत हुए. कवि शिरोमणि भक्तवर पंडित मगनीरामजी साकरिया, जो बृजभाषा के उदभट कवि, डिंगल-पिंगल भाषाओं के प्रखर विद्वान् जो करीब 215 वर्ष पूर्व हुए. पंडित रामसुखदास साकरिया जैसे विलक्षण बुध्धि के धनी व ख्याति प्राप्त कथा वाचक व भक्त इसी परिवार में जन्म लिये.

आपके पिता आचार्य पंडित बदरीप्रसादजी साकरिया स्वयं राजस्थानी साहित्य के मूर्धन्य विद्वान्, इतिहासकार, सुख्यात पुस्तकों व “ अनोखी आन’ जैसे आंचलिक उपन्यास व उच्चतम ग्रंथों के लेखक व डिंगल-पिंगल भाषा के महान विद्वान् थे.

आप स्वयं भी प्रखर शिक्षाविद, राजस्थानी, डिंगल-पिंगल भाषा व हिन्दी में कई उत्कृष्ट पुस्तकों व ग्रंथों के लेखक हैं. आपने समाज के इतिहास पर सन 2002 में “” तपोनिष्ठ ब्राह्मणों का इतिहास”” नामक पुस्तक भी प्रकाशित की है.

ऐसी महान विभूति, विनम्रता, सादगी व शालीनता की साकार मूर्ति का “ स्वर्णजागृति समाज विभूति” सम्मान से सम्मानित करते हुए स्वर्ण जागृति परिवार अपने आपको गोरवान्वित  महसूस करता है.

श्री बंशीलालजी अम्बालालजी परिहार

Banshilal Pariharसाबरकांठा जिला {गुज.) के कर्मठ समाज सेवी व अपने गृह प्रदेश मेवाड़ क्षेत्र के लोकप्रिय कार्यकर्ता श्री बंशीलालजी अम्बालालजी परिहार, निवासी खेडब्रह्मा (गुज.) ने समाज में व्याप्त कुरीतियों से निजात दिलाने हेतु सामूहिक विवाह के माध्यम से अपना उत्कृष्ट व् अविरत योगदान दिया. सौम्य व मृदु भाषी तथा प्रसिध्धि से सदा दूर रहने वाले श्री परिहार पिछले 15 वर्षों से खेडब्रह्मा सामूहिक विवाह समिति के अविरत महामंत्री रह कर समाज को नए पथ पर ले जाने का कार्य कर रहे हैं. उनकी इन उत्कृष्ट सेवाओं के मद्दे नज़र उन्हें “ स्वर्ण जागृति अवार्ड” से सम्मानित कर गौरव का अनुभव करते हैं.